देहरादून। महिलाओं के खिलाफ बढ़ रही हिंसा और उत्पीड़न की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने सखी वन स्टॉप सेंटर को और अधिक सक्रिय एवं प्रभावी बनाने का निर्णय लिया है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि हिंसा से पीड़ित महिलाओं को त्वरित, संवेदनशील और समुचित सहायता उपलब्ध कराई जाए।
समाधान दिवस के दौरान महिलाओं से जुड़ी शिकायतों का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया कि सर्वे चौक स्थित कामकाजी महिला छात्रावास परिसर में संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर में सभी सेवाओं का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि घरेलू हिंसा, शोषण, उत्पीड़न अथवा किसी भी प्रकार की हिंसा से प्रभावित महिलाओं को बिना किसी देरी के आवश्यक सहायता प्रदान की जाए।
जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेन्द्र कुमार ने बताया कि सखी वन स्टॉप सेंटर महिलाओं को एक ही स्थान पर विभिन्न आवश्यक सेवाएं उपलब्ध करा रहा है। केंद्र के माध्यम से पीड़ित महिलाओं को निःशुल्क चिकित्सा सुविधा, पुलिस सहायता, मनोवैज्ञानिक एवं सामाजिक परामर्श, विधिक सहायता, रेस्क्यू सेवा तथा अस्थायी आश्रय जैसी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्र का मुख्य उद्देश्य संकटग्रस्त महिलाओं को तत्काल राहत और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है। साथ ही उन्हें उनके अधिकारों तथा सरकार द्वारा संचालित सहायता योजनाओं के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है। जिला प्रशासन ने महिलाओं से अपील की है कि किसी भी प्रकार की हिंसा, उत्पीड़न या संकट की स्थिति में वे बिना झिझक सखी वन स्टॉप सेंटर से संपर्क करें। प्रशासन का लक्ष्य प्रत्येक पीड़ित महिला तक समयबद्ध, प्रभावी और संवेदनशील सहायता पहुंचाना है।