टिहरी: उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस के रजत जयंती वर्ष(Uttarakhand Silver Jubilee Event) के उपलक्ष्य में शनिवार को डोबरा चांठी पुल के समीप योग कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विधायक किशोर उपाध्याय और जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
स्वस्थ शरीर और मन के लिए योग का संदेश(Uttarakhand Silver Jubilee Event)
आयुष विभाग की वरिष्ठ चिकित्साधिकारी सिद्धि मिश्रा ने योग शिक्षकों के साथ मन, मस्तिष्क और शरीर को स्वस्थ रखने वाले योगासन और प्राणायाम करवाए। उन्होंने बताया कि योग से न केवल शरीर को ऊर्जा मिलती है बल्कि यह मानसिक शांति, ध्यान और एकाग्रता को भी बढ़ाता है। इस दौरान उन्होंने विभिन्न बीमारियों से ग्रस्त लोगों को आसन के अनुरूप आसन करने और न करने की सलाह भी दी।
योग सत्र(Uttarakhand Silver Jubilee Event) के दौरान सेतुबंध आसन, अर्धचक्रासन, त्रिकोणासन, वज्रासन, कपालभाति और भ्रामरी प्राणायाम जैसे आसनों का अभ्यास कराया गया।
विधायक और डीएम ने दिया संदेश(Uttarakhand Silver Jubilee Event)
विधायक किशोर उपाध्याय ने कहा कि योग भारत की प्राचीन परंपरा है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व स्तर पर पहचान दिलाई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड को अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाने का लक्ष्य सभी की सहभागिता से ही पूरा होगा।
जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने कहा कि “डोबरा चांठी पुल पर योग कार्यक्रम आयोजित करने का उद्देश्य स्वास्थ्य, पर्यावरण और प्रकृति के संतुलन को बढ़ावा देना है।” उन्होंने सतत विकास के लिए स्वस्थ मन और शरीर को आवश्यक बताया।जनपद के सतत विकास में योग को महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने कहा कि जब मन, मस्तिष्क और शरीर स्वस्थ होगा, तभी सतत एवं समावेशी विकास होगा।
योगासन के लाभ
- कार्यक्रम में किए गए योगासन और प्राणायाम से
- शरीर की लचीलापन और ऊर्जा बढ़ती है,
- मेरुदंड मजबूत होता है,
- पाचन शक्ति में सुधार होता है,
- मानसिक तनाव कम होता है,
- तथा कई बीमारियों जैसे आर्थराइटिस, ब्लड प्रेशर और अस्थमा में राहत मिलती है।
योग कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों द्वारा अर्धचक्रासन, त्रिकोणासन, भद्रासन, वज्रासन, आर्धकुशासन, शशकासन, वक्रासन, मकरासन, सरल भुजंगासन, सेतुबंध आसान, पादहस्तासन, अर्धलासन, पवनमुक्तासन, प्राणायाम, कपालभाति, नाड़ी शोधन प्राणायाम, शीतली प्रणायाम, भ्रामरी प्राणायाम आदि आसन किए गए।
बताया गया कि यह आसन एवं प्राणायाम एकाग्रता बढ़ाने, मेरुदंड को मजबूत एवं लचीला बनाने, शरीर को दृढ़ करना, पाचन शक्ति को बढ़ाने, पीठ एवं गर्दन की मांस पेशियों को मजबूत करने, पाचन तंत्र को मजबूत करने, कमर की निचली मांस पेशियों को मजबूत बनाने, कब्ज दूर करने, वात से राहत दिलाने, मन को शांत करने, जांघ एवं नितंब के अतिरिक्त वसा को कम करने, कफ विकार को कम करने के साथ आर्थराइटिस, उच्च रक्तचाप, अस्थमा, दृष्टि दोष आदि में लाभदायक सिद्ध होते हैं।
इस Uttarakhand Silver Jubilee Event मौके पर सीडीओ वरुणा अग्रवाल, जिलाध्यक्ष भाजपा उदय सिंह रावत, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष चम्बा शोभनी धनोला, ब्लॉक प्रमुख चम्बा सुमन सजवाण, एडीएम अवधेश कुमार सिंह, एएसपी जे.आर. जोशी, डीडीओ मो असलम, सीएमओ श्याम विजय, एसडीएम संदीप कुमार, एआरटीओ सतेंद्र राज, ईई जल संस्थान प्रशांत भारद्वाज, डीपीआरओ एम.एम.खान, डीटीडीओ एस.एस. राणा, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी सुभाष कुमार, एलडीएम मनीष, जिला उरेडा अधिकारी एस.एस. मेहर, डीडीएमओ बृजेश भट्ट, योग शिक्षक आशुतोष डबराल, वैशाली जुयाल, सुरजीत चौहान, जनप्रतिनिधि विजय कठैत, विभिन्न स्कूलों के बच्चे, मीडिया सहित अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी एवं क्षेत्रीय लोग मौजूद रहे। स्कूलों के बच्चों ने भी योग में भाग लिया और स्वस्थ उत्तराखंड का संदेश दिया।