Shri Shiv Mahapuran katha Dehradun (Uttarakhand)
देहरादून। विद्या विहार स्थित दुर्गा माता मंदिर में चल रही श्री शिव महापुराण कथा(Shri Shiv Mahapuran katha) के समापन दिवस पर कथा वाचक डॉक्टर मोहन मिश्रा जी महाराज ने भगवान शंकर की द्वादश ज्योतिर्लिंगों के बारे में बताया।
भगवान शंकर के पावन श्रावण मास में जो कथा को श्रवण करता है उस पर भगवान बड़े प्रसन्न रहते हैं। भगवान शंकर संसार के सबसे बड़े देवता हैं। जो भी भक्त भगवान शंकर की कथा(Shri Shiv Mahapuran katha) को श्रावण मास में सुनते हैं उन्हें अक्षय फल की प्राप्ति होती है। श्रावण मास के बारे में उन्होंने बताया कि भगवान शंकर जी ने माता पार्वती को अमर कथा सुनाई। भगवान भोलेनाथ क्षण भर में ही प्रसन्न हो जाते हैं।
श्रावण मास की शिवरात्रि में जो भी भक्त भगवान शंकर जी को जल व दूध से अभिषेक करता है भगवान उन भक्तों पर बड़े प्रसन्न होते हैं। भगवान शिव की महिमा बड़ी अपरंपार है। जो भी भक्त भगवान की कथा को श्रवण करता है भगवान उनकी मनोकामनाओं को पूर्ण करते हैं और उन्हें धर्म अर्थ काम मोक्ष की प्राप्ति होती है।
आज कथा(Shri Shiv Mahapuran katha) के अंतिम दिवस भंडारे का भी आयोजन किया गया बड़ी संख्या में भक्तगणों में पहुंच कर भंडारे का प्रसाद प्राप्त किया। इस अवसर पर मुख्य यजमान मधुसूदन नौटियाल, दुर्गा माता मंदिर समिति अध्यक्ष भानु प्रकाश पंचोली, बीएस राणा, टीकाराम जोशी, जयशंकर जगूडी आदि मौजूद थे।
